
सड़क हादसों पर सरकार का फोकस: हर जिले में तैनात होंगे रोड सेफ्टी कोऑर्डिनेटर, बढ़ेगी चालान राशि की हिस्सेदारी
प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और हादसों में घायलों को समय पर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए नई व्यवस्था तैयार की जा रही है। सरकार सभी जिलों में रोड सेफ्टी कोऑर्डिनेटर तैनात करने की तैयारी में है। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों के लिए उपलब्ध बजट बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाया जा रहा है।
परिवहन मुख्यालय की ओर से शासन को भेजे गए प्रस्ताव में चालान से मिलने वाली राशि में सड़क सुरक्षा कोष की हिस्सेदारी दोगुनी करने का सुझाव दिया गया है। मौजूदा व्यवस्था में पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से वसूली गई चालान राशि का 30 प्रतिशत सड़क सुरक्षा कोष में जाता है। प्रस्ताव मंजूर होने पर यह हिस्सा बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगा।
हादसे के पीड़ितों को योजनाओं का लाभ दिलाएंगे
जिलों में नियुक्त किए जाने वाले रोड सेफ्टी कोऑर्डिनेटर का प्रमुख काम सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को सरकारी सहायता और उपचार संबंधी योजनाओं का लाभ दिलाना होगा। इसके अलावा वे सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों की निगरानी और संबंधित विभागों के बीच समन्वय में भी भूमिका निभाएंगे।
प्रदेश में सड़क हादसों में घायलों को उपचार उपलब्ध कराने के लिए फरवरी से पीएम राहत योजना लागू है। हालांकि अभी तक सीमित संख्या में ही लोग इसका लाभ ले सके हैं। सरकार अब समन्वय की कमी दूर कर अधिक से अधिक पात्र लोगों तक योजना का लाभ पहुंचाने की तैयारी कर रही है।
हिट एंड रन मामलों में भी मदद
रोड सेफ्टी कोऑर्डिनेटर हिट एंड रन मामलों में प्रभावित लोगों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया में भी सहयोग करेंगे। पुलिस, परिवहन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के बीच तालमेल बनाकर मामलों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी इनके स्तर से संभाली जाएगी।
सड़क सुरक्षा कोष में आएंगे अतिरिक्त संसाधन
परिवहन मुख्यालय के प्रस्ताव के अनुसार चालान राशि में सड़क सुरक्षा कोष की हिस्सेदारी 30 से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने की तैयारी है। इससे सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे। अपर परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह के अनुसार, सड़क सुरक्षा कोष को मजबूत करने से हादसों की रोकथाम और सुरक्षा उपायों को बेहतर तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी।
सड़क सुरक्षा समिति की ओर से भी कोष में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। इसी क्रम में जिलों में रोड सेफ्टी कोऑर्डिनेटर की तैनाती और चालान राशि की हिस्सेदारी बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।




