
सिकल सेल रोग एवं बाल मधुमेह से प्रभावित बच्चों और परिवारों को मिला सहयोग, परामर्श एवं नई उम्मीद
सिकल सेल रोग एवं बाल मधुमेह से प्रभावित बच्चों और परिवारों को मिला सहयोग, परामर्श एवं नई उम्मीद
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, रायगढ़ में रोगी सहायता समूह बैठक आयोजित, नियमित जांच, उपचार एवं बेहतर जीवन प्रबंधन पर हुई विस्तृत चर्चा
रायगढ़ | 11 अगस्त 2026
सिकल सेल रोग एवं बाल मधुमेह (टाइप-1 डायबिटीज) से प्रभावित बच्चों एवं उनके परिवारों को जागरूक, सशक्त एवं उपचार से सतत रूप से जोड़ने के उद्देश्य से जिला स्वास्थ्य समिति, रायगढ़ द्वारा यूनिसेफ छत्तीसगढ़, एकम फाउंडेशन एवं MCCR ट्रस्ट के तकनीकी सहयोग से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, रायगढ़ में रोगी सहायता समूह (Patient Support Group – PSG) बैठक का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में सिकल सेल रोग (SCD) से प्रभावित 17 बच्चे, बाल मधुमेह से प्रभावित 5 बच्चे तथा 39 अभिभावकों/देखभालकर्ताओं सहित स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ, एकम फाउंडेशन, MCCR ट्रस्ट एवं अन्य हितधारकों को मिलाकर कुल 75 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
बैठक का उद्देश्य सिकल सेल रोग एवं बाल मधुमेह से प्रभावित बच्चों एवं उनके परिवारों को रोगों की सही जानकारी प्रदान करना, नियमित जांच एवं उपचार के महत्व को समझाना, जटिलताओं की रोकथाम के उपायों से अवगत कराना तथा आपसी अनुभव साझा करने के लिए एक सहयोगात्मक मंच उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों ने बच्चों के स्वास्थ्य, बार-बार होने वाली समस्याओं, दवा एवं इंसुलिन प्रबंधन, पोषण, विद्यालयीन जीवन तथा उपचार से जुड़ी चुनौतियों के संबंध में अपने अनुभव साझा किए, जिन पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
बैठक के दौरान डॉ. भानुप्रताप, जिला टीकाकरण अधिकारी एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए सिकल सेल रोग एवं बाल मधुमेह दोनों स्थितियों में समय पर निदान, नियमित जांच, संक्रमण से बचाव, संतुलित पोषण, टीकाकरण, दवाओं एवं इंसुलिन के नियमित उपयोग तथा निरंतर फॉलो-अप के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रभावित परिवारों से उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का नियमित लाभ लेने की अपील की।
विशेषज्ञों ने बताया कि सिकल सेल रोग की रोकथाम एवं नियंत्रण में सामुदायिक जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका है तथा विवाह पूर्व सिकल सेल जांच भविष्य की पीढ़ियों में रोग के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकती है। वहीं बाल मधुमेह के संदर्भ में समय पर पहचान, नियमित रक्त शर्करा जांच, उचित इंसुलिन प्रबंधन, संतुलित आहार, शारीरिक गतिविधि एवं परिवार के सहयोग को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों द्वारा सिकल सेल रोग के प्रबंधन, दर्द एवं संक्रमण की रोकथाम, पोषण, टीकाकरण, नियमित स्वास्थ्य जांच तथा उपलब्ध उपचार एवं रेफरल सेवाओं की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही बाल मधुमेह से प्रभावित बच्चों के लिए रक्त शर्करा की नियमित निगरानी, इंसुलिन के सुरक्षित उपयोग, हाइपोग्लाइसीमिया एवं हाइपरग्लाइसीमिया की पहचान, स्कूल एवं घर पर देखभाल तथा मनोसामाजिक सहयोग के संबंध में भी विस्तृत परामर्श दिया गया।
प्रतिभागियों को नियमित फॉलो-अप, आवश्यक लैब जांच, दवा एवं इंसुलिन की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध उपचार सेवाओं का समय पर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। बैठक के दौरान अभिभावकों एवं बच्चों की जिज्ञासाओं का समाधान संवादात्मक चर्चा के माध्यम से किया गया। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि परिवार, स्वास्थ्य विभाग एवं समुदाय के सामूहिक सहयोग से सिकल सेल रोग एवं बाल मधुमेह से प्रभावित बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य, आत्मविश्वास एवं गुणवत्तापूर्ण जीवन प्रदान किया जा सकता है।
कार्यक्रम में डॉ. अनिल कुमार जगत- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी,
डॉ. जावेद- एनसीडी नोडल अधिकारी, डॉ. सुमित मंडल- सिकल सेल नोडल अधिकारी, डॉ. कैनन डेनियल- जिला नोडल अधिकारी, श्रीमती रंजना पैकरा- जिला कार्यक्रम प्रबंधक, श्रीमती सोनाली मेश्राम- शहरी कार्यक्रम प्रबंधक, डॉ. राजेश मिश्रा- RMNCHA सलाहकार, सीमा बरेट- DPHN सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी, जिला समन्वयक एवं जिला सलाहकार उपस्थित रहे।
यूनिसेफ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह, डॉ. डी. श्याम कुमार-निदेशक, MCCR ट्रस्ट, डॉ. आरती मंडल- कार्यक्रम प्रबंधक, एकम फाउंडेशन तथा यूनिसेफ एवं MCCR ट्रस्ट के अन्य प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं तकनीकी मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि सिकल सेल रोग एवं बाल मधुमेह के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच एवं उपचार को प्रोत्साहित करने तथा प्रभावित बच्चों एवं उनके परिवारों को निरंतर सहयोग, परामर्श एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के प्रयास आगे भी निरंतर जारी रखे जाएंगे।




