
रायपुर: कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का बढ़ता उपयोग किसानों की आय और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सरगुजा जिले के लुंड्रा विकासखंड के ग्राम पसेना निवासी प्रगतिशील किसान गोविंद कुमार बेहरा इसकी मिसाल बनकर उभरे हैं। लगभग 17.75 एकड़ भूमि में खेती करने वाले गोविंद पिछले दो-तीन वर्षों से नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग कर रहे हैं और इसके सकारात्मक परिणामों से उत्साहित हैं।
गोविंद बताते हैं कि उन्होंने शुरुआत में नैनो उर्वरकों का प्रयोग परीक्षण के रूप में किया था, लेकिन बेहतर परिणाम मिलने के बाद इसका उपयोग नियमित रूप से करने लगे। विशेष रूप से धान की फसल में उन्हें उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार देखने को मिला। उनके अनुसार नैनो उर्वरक पौधों तक पोषक तत्वों की प्रभावी आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं, जिससे फसल का विकास बेहतर होता है।
वे धान के साथ खीरा, बैंगन जैसी सब्जी फसलों की भी खेती करते हैं। उनका कहना है कि नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन्हें कम मात्रा में आसानी से परिवहन और उपयोग किया जा सकता है। इससे किसानों का श्रम, समय और लागत तीनों की बचत होती है।
गोविंद का मानना है कि वैज्ञानिक तरीके से उपयोग किए जाने पर नैनो उर्वरक उत्पादन बढ़ाने में सहायक हैं। वे अन्य किसानों से भी आधुनिक तकनीकों को अपनाने और नैनो उर्वरकों के उपयोग के माध्यम से टिकाऊ एवं लाभकारी खेती की दिशा में आगे बढ़ने की अपील करते हैं।




