
युवाओं के अंदर समाज के प्रति कुछ योगदान देने की भावना बहुत ज़रूरी, छोटी-छोटी बातों से आता है बड़ा बदलाव- राज्यपाल रमेन डेका….
रायपुर: लोक भवन में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज केंद्रीय युवा कार्यक्रम खेल मंत्रालय, भारत सरकार के ‘माय भारत युवा कार्यक्रम‘ अंतर्गत युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत गुजरात से छत्तीसगढ़ भ्रमण पर आए माय भारत वॉलेंटियर्स के प्रतिनिधि मंडल से मुलाक़ात की।
उन्होंने माय भारत कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से विभिन्न राज्यों के युवाओं के मध्य सांस्कृतिक, सामाजिक एवं वैचारिक आदान-प्रदान सुदृढ़ होता है जिससे राष्ट्रीय एकता की भावना और अधिक सशक्त होती है। उन्होंने गुजरात से आए माय भारत वॉलेंटियर्स से आत्मीय संवाद किया और उनसे छत्तीसगढ़ यात्रा के बारे में अनुभव जाने।
श्री डेका ने उनका उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आप सभी युवा देश निर्माण में अपना योगदान ज़रूर दें। अपने उद्बोधन में श्री डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और भगवान राम का ननिहाल है। यहाँ बस्तर में एशिया का नियाग्रा कहा जाने वाला चित्रकोट जलप्रपात अद्भुत है। उन्होंने गुजरात से आए युवाओं को बताया कि छत्तीसगढ़ में आपको 5000 साल पुरानी संस्कृति के दर्शन होंगे। श्री डेका ने कहा छत्तीसगढ़ में तेजी से विकास हो रहा है। जल्द ही यह प्रदेश एजुकेशनल हब के रूप में देश में जाना जाएगा।
युवाओं के अंदर समाज के प्रति कुछ योगदान देने की भावना बहुत ज़रूरी होती है क्योंकि छोटी-छोटी बातों से बड़ा बदलाव आता है। उन्होंने कहा अगर हम अपने घर के आस पास की स्वच्छता में योगदान दें या अपने पड़ोस के बुजुर्गों की सेवा करें, उनके जीवन के अनुभव जानें रोज़मर्रा के काम में उनकी मदद करें तो भी यह सराहनीय है। उन्होंने कहा आज टेक्नोलॉजी का ज़माना है, तकनीक का सही इस्तेमाल करके मानव जाति के विकास में नए आयाम तय किए का सकते हैं।
युवाओं को ए आई के इस युग में सही ग़लत का अंतर समझना भी ज़रूरी है। उन्होंने टाइम मैनेजमेंट और जीवन में मोबाइल और विशेषकर सोशल मीडिया में के उपयोग में संतुलन बरतने की भी बात युवाओं से कही। उन्होंने कहा कि अपने पैशन को फॉलो करके भी युवा अपना भविष्य संवार सकते हैं। उन्होंने इस दौरान देश और गुजरात राज्य के प्रेरणादायक व्यक्तित्वों की भी चर्चा की।
इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा भी मौजूद थे उन्होंने माय भारत वालेंटियर्स को अपना बहुमूल्य समय देने के लिए राज्यपाल महोदय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा हमारा छत्तीसगढ़ मिनी इंडिया है, यहाँ सभी राज्य और समाज के लोग आपसी प्रेम और सौहार्द्य के साथ रहते हैं। यहाँ बहुतायत में गुजराती और वैष्णव समाज के लोग रहते हैं। वैष्णव संप्रदाय से संबंधित पूजनीय महाप्रभु वल्लभाचार्य की जन्मस्थली चंपारण हमारे छत्तीसगढ़ में है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय एकता की भावना को बल प्रदान करने वाले इस अभियान की सराहना करते हुए युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
माय भारत कार्यक्रम के राज्य निदेशक श्री अर्पित तिवारी ने भारत सरकार के खेल एवं युवा कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित इस भ्रमण कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह आयोजन ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत‘ की भावना को मूर्त रूप प्रदान करते हुए राज्यों के मध्य सौहार्द, सहयोग एवं आपसी समझ को प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। जिसका उद्देश्य सांस्कृतिक एवं भाषाई विविधताओं का परिचय, व स्थानीय परंपराओं एवं खानपान का अनुभव, युवाओं के मध्य संवाद एवं नेतृत्व कौशल का विकास कर राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता की भावना को सुदृढ़ करना है।
लोक भवन में गुजरात से आए युवाआंे का आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे युवा काफ़ी भावुक हो गए। इस दौरान लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम में जय जोहार जय छत्तीसगढ़ का नारा गंूज उठा। राज्यपाल श्री डेका से हुए आत्मीय संवाद ने इन युवाओं को प्रेरित किया। युवाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ आकर यहाँ के लोगों से मिलकर, यहाँ की कला, संस्कृति और सेवा-सत्कार देखकर उन्हें अच्छा लगा। उन्होंने आज शहीद वीर नारायण सिंह ट्राइबल म्यूजियम का भ्रमण किया और छत्तीसगढ़ के आदिवासी नायकों द्वारा किए गए स्वतंत्रता आंदोलनों के बारे में जाना। युवाओं ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल में छत्तीसगढ़ के तीज त्योहारों पर आधारित नृत्य से उन्हें यहाँ की सांस्कृतिक झलक मिली।
गुजरात से आई माय भारत से ट्विंकल ने बताया कि उन्हें बताया गया था कि छत्तीसगढ़ एक आदिवासी राज्य है। उन्हें पहले लगा था यह प्रदेश कम विकसित होगा लेकिन यहां आकर उन्हांेने जाना कि इस प्रदेश के लोग प्रकृति के संरक्षण के साथ विकास की भावना को लेकर आगे बढ़ रहें हैं। उन्हें यहां आकर बहुत अच्छा लगा।
गुजरात के कमलेश ने अपनी बात रखते हुए कहा कि यहां के लोगों ने उन्हें महसूस ही नहीं होने दिया कि वे दूसरे राज्य से आए हैं। उन्हें यहां बहुत अपनापन मिला। इसी तरह अनिल ने बताया कि वे पहली बार अपने प्रदेश से बाहर निकले हैं। यह अनुभव उनके लिए काफी शानदार रहा। वहीं माय युवा भारत की वॉलेंटियर कुमारी ने बताया कि उन्हंे राज्यपाल महोदय का उद्बोधन सुनकर बहुत प्रेरणा मिली, जिसे वे अपने जीवन में जरूर आत्मसात करेंगी। इस अवसर पर राज्यपाल के विधिक सलाहकार श्री भीष्म प्रसाद पाण्डेय सहित लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।




